- बिहार दौरे पर हाजी डॉ. शकील सैफी,चेयरमैन वर्ल्ड पीस हार्मोनी व सीइओ सैफी हॉस्पिटल,पटना में बढ़ेगी सियासी हलचल
- मंत्री अशोक चौधरी के घर हो रही विवाह समारोह में करेंगे
शिरकत, एनडीए नेताओं से मुलाकात और संगठन पर बड़ा मंथन - सियासी संपर्क, सामाजिक सहभागिता और संगठनात्मक रणनीति से भरपूर इस दौरे को लेकर राजधानी में हलचल तेज
मार्गदर्शक न्यूज, पटना। वर्ल्ड पीस हार्मोंनी के चेयरमैन एवं सैफी हॉस्पिटल के सीईओ हाजी डॉ. शकील सैफी 17 फरवरी को तीन दिवसीय हाईटेक बिहार दौरे पर पटना पहुंच रहे हैं। सियासी संपर्क, सामाजिक सहभागिता और संगठनात्मक रणनीति से भरपूर इस दौरे को लेकर राजधानी में हलचल तेज हो गई है। जानकारों की मानें तो सैफी का यह दौरा कई मायनों में खास और असरदार साबित हो सकता है।
दौरे के दौरान हाजी डॉ. शकील सैफी बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री एवं जद(यू) के प्रमुख नेता अशोक चौधरी की भतीजी के विवाह समारोह में शिरकत करेंगे। पूर्व मंत्री स्वर्गीय महावीर चौधरी के पुत्र अशोक चौधरी राज्य की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले नेताओं में गिने जाते हैं, ऐसे में इस हाई-प्रोफाइल समारोह में सैफी की मौजूदगी चर्चा का विषय बन गई है।
18 फरवरी को दानापुर के सगुना मोड़ स्थित पनाश बैंक्वेट में परिणयोत्सव की पूर्व संध्या पर उनकी विशेष उपस्थिति रहेगी, जहां अनुभूति राज और आदित्य नेमा के विवाह से जुड़ा मांगलिक कार्यक्रम आयोजित है। इसके बाद 19 फरवरी को वीरचंद पटेल पथ स्थित मिलर हाई स्कूल मैदान में मुख्य विवाह समारोह में शामिल होकर वे नवदंपति को शुभकामनाएं देंगे।
लेकिन सैफी का यह दौरा केवल एक सामाजिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है। वे इस दौरान एनडीए के कई मंत्रियों से मुलाकात करेंगे और भाजपा नेताओं के साथ समसामयिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसे संबंधों के विस्तार और संवाद की नई पहल के रूप में देखा जा रहा है।
संगठनात्मक मोर्चे पर सैफी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगे। वर्ल्ड पीस हार्मोंनी से जुड़े पदाधिकारियों के साथ वे मैराथन बैठक करेंगे, जिसमें संगठन के विस्तार से लेकर नई रणनीति तक हर पहलू पर मंथन होगा। सबसे अहम बात यह है कि प्रदेश अध्यक्ष के मनोनयन को लेकर वे सीधे कार्यकर्ताओं की राय लेंगे। यह कदम न केवल लोकतांत्रिक कार्यशैली का संकेत देता है, बल्कि संगठन में नई ऊर्जा भरने वाला भी माना जा रहा है।
राजनीतिक प्रेक्षक मानते हैं कि जब कोई नेता सामाजिक मंच, सियासी संपर्क और संगठन—तीनों पर एक साथ सक्रिय नजर आए, तो उसका प्रभाव दूर तक जाता है। हाजी डॉ. शकील सैफी की यही सक्रियता उन्हें अलग पहचान दिलाती है।
तेज रफ्तार कार्यशैली, व्यापक संपर्क और स्पष्ट रणनीति—इन तीनों के संगम ने सैफी के इस दौरे को “हाईटेक” के साथ-साथ “धांसू” बना दिया है। यही कारण है कि पटना से लेकर राजनीतिक गलियारों तक, हर जगह इस दौरे की चर्चा हो रही है।
स्पष्ट है कि हाजी डॉ. शकील सैफी का यह बिहार दौरा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन, संवाद और संगठनात्मक मजबूती का बड़ा संदेश भी माना जा रहा है।

