- विधानमंडल के समक्ष शिक्षकों का जोरदार धरना, वेतन-पेंशन भुगतान की मांग तेज
- अनुदानित शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने बकाया भुगतान और नियमित वेतन व्यवस्था लागू करने की उठाई आवाज
रिपोर्ट: रुद्र किंकर, मार्गदर्शक न्यूज, पटना। बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब) के आह्वान पर बुधवार को हजारों शिक्षकों और कर्मियों ने बिहार विधानमंडल के समक्ष धरना देकर रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अनुदानित शिक्षकों एवं कर्मचारियों को वेतन और पेंशन का भुगतान नहीं किया जाना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
शिक्षाकर्मियों ने माननीय उच्च न्यायालय, पटना के न्यायादेश तथा बिहार विधान परिषद की शिक्षा समिति की अनुशंसा का हवाला देते हुए सरकार से परीक्षाफल आधारित वेतनानुदान व्यवस्था समाप्त कर नियमित वेतन एवं पेंशन भुगतान के लिए नीतिगत निर्णय लेने की मांग की।
धरना का नेतृत्व महासंघ के अध्यक्ष डॉ. शंभुनाथ प्रसाद सिन्हा और महासचिव प्रो. राजीव रंजन ने संयुक्त रूप से किया, जबकि मंच संचालन सचिव डॉ. रविन्द्र कुमार ने किया।
9 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन
महासंघ ने अपनी प्रमुख मांगों में शैक्षणिक सत्र 2015-18 से अब तक के आठ सत्रों का बकाया अनुदान एकमुश्त भुगतान, लंबित वेतनानुदान को महंगाई भत्ते के अनुरूप पुनरीक्षित दर से जारी करने तथा राशि सीधे शिक्षकों और कर्मियों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था शामिल की।
इसके अलावा 2008 के संकल्प के अनुरूप परीक्षा परिणाम आधारित वास्तविक वेतनानुदान की अधिसीमा—स्नातक खंड के लिए 1.50 करोड़ रुपये और इंटर खंड के लिए 50 लाख रुपये—को समाप्त करने, सभी विश्वविद्यालयों में समय-सीमा के भीतर सीनेट सदस्य चुनाव कराने तथा उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन पारिश्रमिक में कटौती की परंपरा पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई।
शिक्षाकर्मियों ने 2007 के बाद नियुक्त शिक्षकों की सेवा संपुष्टि के लिए चयन समिति गठित करने और जे.पी. विश्वविद्यालय, छपरा तथा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा में लंबित वेतनानुदान का शीघ्र भुगतान करने की मांग भी दोहराई।
*विधान पार्षदों ने बताया—“भुगतान नहीं करना अन्याय”*
फैक्टनेब के मीडिया प्रभारी प्रो. अरुण गौतम ने बताया कि धरना स्थल पर तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद डॉ. संजय कुमार सिंह, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के डॉ. नवल किशोर प्रसाद यादव, भागलपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के डॉ. संजीव कुमार सिंह तथा अखिल भारतीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (एआईफुक्टो) के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. (डॉ.) अरुण कुमार ने शिक्षाकर्मियों को संबोधित किया।
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों को वेतन एवं पेंशन से वंचित रखना न्यायसंगत नहीं है और सरकार को इस दिशा में शीघ्र ठोस कदम उठाने चाहिए।
सभा को डॉ. शंभुनाथ प्रसाद सिन्हा, प्रो. राजीव रंजन, प्रो. अरुण गौतम, डॉ. रविन्द्र कुमार, प्रो. श्रवण कुमार, डॉ. धर्मेन्द्र कुमार चौधरी, डॉ. सत्येन्द्र कुमार सिंह, डॉ. गोपाल कृष्ण यादव, डॉ. सुमंत कुमार सिन्हा, प्रो. बहृमानंद प्रसाद और प्रो. सुशील कुमार झा सहित कई शिक्षाविदों ने संबोधित किया।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

