- हृदय रोग से ग्रसित 11 बच्चों को वैशाली से छपरा भेजा गया
- मेदांता के विशेषज्ञ करेंगे सर्जरी
- नि:शुल्क होगा सारा उपचार
मार्गदर्शक न्यूज, वैशाली : राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत वैशाली जिले के 11 बच्चों के जीवन में नई उम्मीद की किरण जगी है। शनिवार को मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के अंतर्गत जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित इन बच्चों को बेहतर इलाज और सर्जरी के लिए सदर अस्पताल, छपरा भेजा गया। यहाँ मेदांता हॉस्पिटल द्वारा आयोजित विशेष शिविर में बच्चों की विस्तृत जाँच की जाएगी, जिसके उपरान्त आवश्यक सर्जरी कराई जाएगी।
स्वास्थ्य समिति की टीम ने दिखाई तत्परता जिला स्वास्थ्य समिति, वैशाली की टीम ने शनिवार को इन बच्चों को 4 विशेष ‘102 एम्बुलेंस’ के माध्यम से रवाना किया। इस मौके पर जिला सामुदायिक उत्प्रेरक निभा रानी सिन्हा, डी.ई.आई.सी प्रबंधक-सह-समन्वयक डॉ. शाइस्ता और फार्मासिस्ट अभिषेक कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बच्चों के परिजनों को योजना के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए डी.ई.आई.सी प्रबंधक-सह-समन्वयक डॉ. शाइस्ता ने कहा कि
हमारा मुख्य उद्देश्य जिले के हर उस बच्चे तक पहुँचना है जो जन्मजात हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत इन 11 बच्चों की स्क्रीनिंग पहले ही की जा चुकी है। अब मेदांता के विशेषज्ञों द्वारा उनकी सर्जरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क है और विभाग की टीम हर कदम पर अभिभावकों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही है।
बेहतर समन्वय के लिए टीम तैनात बच्चों और उनके परिजनों को अस्पताल प्रशासन के साथ तालमेल बैठाने में कोई समस्या न हो, इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बिदुपुर के फार्मासिस्ट अभिजीत कुमार को विशेष रूप से बच्चों के साथ छपरा भेजा गया है। वे वहां अस्पताल संस्थान और अभिभावकों के बीच सेतु का कार्य करेंगे।
नि:शुल्क होगा सारा उपचार विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन बच्चों का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत हृदय में छेद या अन्य जन्मजात विकारों से जूझ रहे बच्चों को देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में मुफ्त इलाज मुहैया कराया जाता है, जिससे गरीब परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिलती है।

