- बजट संवाद से महिलाओं को मिली नई ताकत, पूर्णिया में महिला मोर्चा का बड़ा समन्वय कार्यक्रम
- रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा पर फोकस—केंद्रीय बजट को बताया महिला आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार
मार्गदर्शक न्यूज, पूर्णिया। महिलाओं को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, पूर्णिया जिला की ओर से राजेन्द्र नगर मधुबनी स्थित भाजपा कार्यालय में “बजट प्रस्तुतीकरण महिला समन्वय संवाद कार्यक्रम” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष श्रीमती संगीता बर्मन ने की, जिसमें पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज जिलों से आई महिला कार्यकर्ताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय बजट 2026–27 के उन प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई, जो महिलाओं के जीवन को सीधे प्रभावित करते हैं। वक्ताओं ने रोजगार के नए अवसर, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को बजट की बड़ी विशेषता बताया। साथ ही समस्त परिवार समृद्धि भारत योजना के जरिए परिवारों की आर्थिक मजबूती पर भी प्रकाश डाला गया।
वक्ताओं ने कहा कि यह बजट महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की साझेदार बनाने की सोच को दर्शाता है। आर्थिक आत्मनिर्भरता से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा, जिसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ेगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्पष्ट था—महिलाओं को सरकारी योजनाओं की सही जानकारी देना, उन्हें अधिकारों के प्रति जागरूक करना और नेतृत्व की भूमिका के लिए प्रेरित करना। संवाद के इस मंच पर महिलाओं ने न केवल योजनाओं को समझा, बल्कि संगठनात्मक मजबूती पर भी अपने विचार साझा किए।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष मनोज सिंह, महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष गुंजा बेगानी, क्षेत्रीय प्रभारी सीमा झा, रीना झा, कटिहार जिला अध्यक्ष प्रियंका सिंह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य तारा शाह, जिला उपाध्यक्ष क्रांति देवी, क्रीड़ा प्रकोष्ठ सह संयोजक पंकज कुमारी, महिला मोर्चा उपाध्यक्ष ममता देवी, आरती जायसवाल, सुनीता सिन्हा सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
महिला सहभागिता, जागरूकता और नेतृत्व को केंद्र में रखकर आयोजित यह कार्यक्रम “जरा हटकर” इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि यहां बजट को आंकड़ों से आगे बढ़ाकर महिलाओं के भविष्य और सशक्त समाज के विजन से जोड़ा गया। यह पहल इस बात का संकेत है कि बदलते दौर में महिलाएं विकास की धुरी बनकर उभर रही हैं।

