रिपोर्ट मो० शाहजहां (ब्यूरो चीफ), हाजीपुर/बिदुपुर (वैशाली)।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को कच्ची दरगाह–बिदुपुर छह लेन गंगा पुल परियोजना के निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि परियोजना का शेष कार्य तेजी से प्रगति पर है और इसे अप्रैल माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बचे हुए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए तथा पुल के साथ-साथ संपर्क पथ का निर्माण भी शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि आवागमन सुचारू और निर्बाध हो सके। उन्होंने कहा कि इस पुल के पूर्ण होने से वैशाली सहित उत्तर बिहार के लोगों को राजधानी पटना से बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा, जिससे कृषि, उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। आकस्मिक चिकित्सा स्थिति में पटना पहुंचना भी लोगों के लिए आसान होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के प्रथम चरण के लोकार्पण के बाद पटना से राघोपुर तक संपर्कता बहाल हो चुकी है। इस पुल के चालू होने से महात्मा गांधी सेतु पर यातायात का दबाव भी कम होगा और उत्तर एवं दक्षिण बिहार के बीच एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि आमस–दरभंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के बाद समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी की ओर जाने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी और समय की बचत होगी।
उल्लेखनीय है कि कच्ची दरगाह (पटना) और बिदुपुर (वैशाली) के बीच गंगा नदी पर 19.76 किलोमीटर लंबी छह लेन ग्रीनफील्ड पुल परियोजना का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 9.76 किलोमीटर लंबा पुल और 10 किलोमीटर लंबे पहुंच पथ शामिल हैं। प्रथम चरण में कच्ची दरगाह से राघोपुर दियारा तक 4.57 किलोमीटर पथांश का उद्घाटन हो चुका है, जबकि द्वितीय और तृतीय चरण के कार्य प्रगति पर हैं।
निरीक्षण के अवसर पर जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह सांसद संजय कुमार झा, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, बिहार राज्य पथ विकास निगम के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक, पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम., वैशाली की जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह, पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा, वैशाली के पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

