- पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार आज भी प्रासंगिक : विधायक विजय खेमका
- पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, तिलका मांझी की जयंती पर भी किया नमन
रिपोर्ट: रुद्र किंकर, मार्गदर्शक न्यूज, पूर्णिया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर विधायक विजय खेमका ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि दीनदयाल जी केवल एक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि एक सशक्त विचारधारा हैं। उनके ‘एकात्म मानववाद’ के सिद्धांत को आत्मसात कर भारतीय जनता पार्टी आज वटवृक्ष के रूप में विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर राष्ट्र सेवा में समर्पित है।
विधायक खेमका ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने समाज की अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति को अधिकार दिलाने का जो संदेश दिया, उसी मार्ग पर चलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र से देश को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि आदिवासी, वंचित और पिछड़े वर्गों को सम्मान देकर मुख्यधारा में लाने का कार्य उनके विचारों की जीवंत अभिव्यक्ति है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज आदिवासी समाज से आने वाली महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च पद को सुशोभित कर रही हैं, जो सामाजिक समावेशन का प्रतीक है।
इस अवसर पर विधायक ने स्वतंत्रता सेनानी तिलका मांझी की जयंती पर भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि तिलका मांझी ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष कर स्वतंत्रता आंदोलन में अद्वितीय योगदान दिया और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।
विधायक खेमका ने आह्वान किया कि दीनदयाल उपाध्याय के बताए मार्ग पर चलकर “देश प्रथम, फिर पार्टी, फिर स्वयं” के संकल्प को आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और वर्ष 2047 तक भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लक्ष्य को उनके विचारों के साथ आगे बढ़ाना ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

