रिपोर्ट रुद्र किंकर, मार्गदर्शक न्यूज, मधेपुरा l ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय में बुधवार को आयोजित परिचय-सह-सम्मान समारोह केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संस्थान की समृद्ध परंपरा और शैक्षणिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प बन गया।
मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य प्रो. कैलाश प्रसाद यादव ने महाविद्यालय से अपने भावनात्मक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी परिसर ने उन्हें विद्यार्थी से शिक्षक और अब प्रधानाचार्य बनने तक की पहचान दी है। उन्होंने आह्वान किया कि गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर वर्तमान को सशक्त और भविष्य को उज्ज्वल बनाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
अध्यक्षता कर रहे संघ अध्यक्ष सह रसायनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. रत्नदीप ने महाविद्यालय की विशिष्ट पहचान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसी परिसर से बीएनएमयू की स्थापना हुई और यहां के शिक्षकों-विद्यार्थियों ने शिक्षा जगत से लेकर सार्वजनिक जीवन तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
समारोह में नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर सहित विभिन्न विषयों के अतिथि व्याख्याताओं को स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने इसे शैक्षणिक उत्कृष्टता, परंपरा और नई ऊर्जा के संगम का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुधांशु शेखर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मिथिलेश कुमार ने प्रस्तुत किया। समारोह ने यह संदेश दिया कि जब संस्थान अपनी जड़ों को याद रखते हैं, तभी वे नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते हैं।
Copyright (c) 2019 by Jegtheme.

